अगर आप कोई पारंपरिक काम करते हैं या अपना छोटा कारोबार शुरू करना चाहते हैं, तो आपके लिए एक अच्छी खबर है। कारीगरों और हुनरमंद लोगों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उत्तर प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग ने Vishwakarma Shram Samman Yojana 2.0 शुरू की है। अयोध्या में इस योजना के तहत चयनित लाभार्थियों को मुफ्त प्रशिक्षण, आर्थिक सहायता और काम में इस्तेमाल होने वाली उन्नत टूलकिट देने की व्यवस्था की गई है।

Vishwakarma Shram Samman Yojana 2.0 की खास बात यह है कि लाभार्थियों को सिर्फ प्रशिक्षण ही नहीं मिलेगा, बल्कि प्रशिक्षण के दौरान प्रतिदिन ₹500 के हिसाब से कुल ₹5,000 मानदेय भी दिया जाएगा। इसके अलावा, प्रशिक्षण पूरा करने पर ₹15,000 तक की टूलकिट मुफ्त मिलेगी। स्वरोजगार शुरू करने वालों के लिए ऋण सुविधा का भी प्रावधान बताया गया है।

ऐसे में अगर आप बढ़ई, दर्जी, कुम्हार, लोहार, प्लंबर, मोबाइल मरम्मत या किसी अन्य शामिल ट्रेड से जुड़े हैं, तो विश्वकर्मा योजना आपके लिए उपयोगी हो सकती है। आइए जानते हैं योजना के लाभ, पात्रता से जुड़ी जरूरी बातें, शामिल ट्रेड और आर्थिक सहायता की पूरी जानकारी।

Vishwakarma Shram Samman Yojana 2.0: Overview

Vishwakarma Shram Samman Yojana 2.0
Vishwakarma Shram Samman Yojana 2.0
विवरण जानकारी
योजना का नाम Vishwakarma Shram Samman Yojana 2.0
संबंधित विभाग सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग, उत्तर प्रदेश
क्षेत्र अयोध्या सहित योजना के लागू क्षेत्र
प्रशिक्षण अवधि 10 दिन
प्रतिदिन मानदेय ₹500
कुल मानदेय ₹5,000
टूलकिट ₹15,000 तक की मुफ्त उन्नत टूलकिट
भोजन और नाश्ता प्रशिक्षण के दौरान मुफ्त
प्रमाण-पत्र सरकारी मान्यता प्राप्त कौशल प्रमाण-पत्र (RPL)
ऋण सुविधा ₹10 लाख तक, घोषित शर्तों के अधीन
शामिल ट्रेड कुल 25
सहायता का उद्देश्य कौशल विकास और स्वरोजगार को बढ़ावा देना

नोट: लाभ, ऋण की मंजूरी और पात्रता संबंधित विभाग के नियमों तथा चयन प्रक्रिया के अधीन होंगे।

10 दिन की मुफ्त ट्रेनिंग के साथ मिलेंगे ₹5,000, जानें कैसे

Vishwakarma Shram Samman Yojana 2.0 के तहत चयनित लाभार्थियों को 10 दिन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसका उद्देश्य कारीगरों के मौजूदा हुनर को बेहतर बनाना और उन्हें काम करने के आधुनिक तरीकों से परिचित कराना है। कई बार लोगों के पास काम का अनुभव तो होता है, लेकिन बेहतर उपकरणों और तकनीकी जानकारी की कमी के कारण वे अपनी कमाई नहीं बढ़ा पाते। यह योजना इसी जरूरत को ध्यान में रखकर उपयोगी साबित हो सकती है।

प्रशिक्षण की अवधि के दौरान प्रत्येक प्रशिक्षार्थी को प्रतिदिन ₹500 के हिसाब से कुल ₹5,000 मानदेय दिया जाएगा। यह राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण यानी डीबीटी के माध्यम से भेजे जाने का प्रावधान है। प्रशिक्षण के दौरान मुफ्त भोजन और नाश्ते की सुविधा भी मिलेगी।

इससे उन लोगों को मदद मिल सकती है, जो प्रशिक्षण लेने के लिए समय तो निकालना चाहते हैं, लेकिन रोजमर्रा के खर्चों को लेकर चिंतित रहते हैं। हालांकि, मानदेय प्राप्त करने के लिए प्रशिक्षण में निर्धारित उपस्थिति और विभाग की अन्य शर्तों का पालन करना पड़ सकता है।

लाभार्थियों को सलाह दी जाती है कि आवेदन या प्रशिक्षण में शामिल होने से पहले बैंक खाते की जानकारी, आधार से संबंधित आवश्यकताएं और डीबीटी की स्थिति जांच लें। प्रशिक्षण की तारीख, स्थान और चयन प्रक्रिया की पुष्टि संबंधित जिला उद्योग कार्यालय से करना भी जरूरी है।

मुफ्त टूलकिट योजना: प्रशिक्षण के बाद ₹15,000 तक के उपकरण

किसी भी कारीगर के लिए अच्छे औजार उसके काम की सबसे बड़ी ताकत होते हैं। लेकिन आधुनिक उपकरण खरीदना हर किसी के लिए आसान नहीं होता। खासकर छोटे स्तर पर काम करने वाले लोगों के लिए शुरुआती खर्च कारोबार बढ़ाने में रुकावट बन सकता है। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए Vishwakarma Shram Samman Yojana 2.0 के तहत प्रशिक्षण पूरा करने वाले चयनित लाभार्थियों को ₹15,000 मूल्य तक की उन्नत टूलकिट मुफ्त देने का प्रावधान है।

मुफ्त टूलकिट योजना का उद्देश्य कारीगरों को उनके काम से संबंधित जरूरी उपकरण उपलब्ध कराना है। उदाहरण के लिए, बढ़ई को लकड़ी के काम के औजारों की जरूरत होती है, जबकि दर्जी के लिए सिलाई से जुड़े उपकरण उपयोगी होते हैं। इसी तरह, मोबाइल या इलेक्ट्रॉनिक सामान की मरम्मत करने वालों को अपने ट्रेड के अनुसार उपकरणों की जरूरत पड़ती है।

बेहतर औजारों से काम की गुणवत्ता सुधारने, समय बचाने और ग्राहकों को बेहतर सेवा देने में मदद मिल सकती है। इससे कारीगरों के लिए अधिक काम हासिल करने की संभावनाएं भी बढ़ सकती हैं। हालांकि, टूलकिट में कौन-कौन से उपकरण मिलेंगे, यह संबंधित ट्रेड और विभाग के नियमों पर निर्भर करेगा।

ध्यान रखें कि ₹15,000 की राशि टूलकिट का अधिकतम निर्धारित मूल्य है। इसे सभी लाभार्थियों को नकद मिलने वाली राशि न समझें। टूलकिट प्राप्त करने के लिए प्रशिक्षण पूरा करना और योजना की निर्धारित शर्तों को पूरा करना जरूरी हो सकता है।

Vishwakarma Shram Samman Yojana 2.0: स्वरोजगार के लिए ₹10 लाख तक ऋण, मार्जिन मनी पर मिलेगी राहत

विश्वकर्मा योजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए बताई गई ऋण सुविधा है। कई कारीगर अपना काम बढ़ाना चाहते हैं, लेकिन मशीन, दुकान, कच्चा माल या अन्य जरूरी सामान खरीदने के लिए पर्याप्त पूंजी नहीं जुटा पाते। ऐसे लोगों के लिए ऋण की सुविधा कारोबार शुरू करने या उसे आगे बढ़ाने में मददगार हो सकती है।

जिला उपायुक्त उद्योग प्रभात रंजन शुक्ला के अनुसार, योजना में ₹10 लाख तक के ऋण की सुविधा का प्रावधान बताया गया है। जानकारी के अनुसार, सामान्य श्रेणी के पुरुष लाभार्थियों को परियोजना लागत का 10 प्रतिशत मार्जिन मनी जमा करनी होगी। वहीं, महिलाओं, अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), दिव्यांगजनों और भूतपूर्व सैनिकों के लिए यह हिस्सा 5 प्रतिशत बताया गया है।

इसके अलावा, शेष राशि पर 15 प्रतिशत मार्जिन मनी सब्सिडी का प्रावधान बताया गया है। CGTMSE योजना के तहत बिना गारंटी ऋण सुरक्षा की व्यवस्था का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि, ऋण की मंजूरी, पात्रता, ब्याज दर, भुगतान अवधि और सब्सिडी की वास्तविक गणना संबंधित नियमों के अनुसार तय होगी।

आवेदकों को यह भी समझना चाहिए कि ऋण सुविधा का अर्थ अपने आप पैसा मिल जाना नहीं है। बैंक या संबंधित वित्तीय संस्था आवेदन, परियोजना लागत और जरूरी दस्तावेजों की जांच कर सकती है। आवेदन करने से पहले जिला उद्योग कार्यालय से सभी शर्तों की लिखित जानकारी लेना बेहतर रहेगा।

Vishwakarma Shram Samman Yojana 2.0 में कौन-कौन से 25 ट्रेड शामिल हैं?

Vishwakarma Shram Samman Yojana 2.0 की एक बड़ी खासियत यह है कि इसमें पारंपरिक हुनर के साथ आधुनिक मरम्मत और तकनीकी कामों को भी शामिल किया गया है। इससे अलग-अलग पेशों से जुड़े लोगों को अपने कौशल को बेहतर बनाने का अवसर मिल सकता है।

योजना में कुल 25 ट्रेड बताए गए हैं। इनमें 16 पारंपरिक ट्रेड और नौ आधुनिक ट्रेड शामिल हैं। पारंपरिक काम करने वाले कारीगरों को अपने पुराने हुनर को बेहतर बनाने का अवसर मिलेगा, जबकि तकनीकी काम करने वालों को संबंधित क्षेत्र में कौशल बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

पारंपरिक ट्रेड आधुनिक विश्वकर्मा ट्रेड
बढ़ई मोबाइल मरम्मत
दर्जी ऑटोमोबाइल मरम्मत
कुम्हार इलेक्ट्रॉनिक सामान मरम्मत
लोहार विद्युत सामान मरम्मत
नाई प्लंबर
राजमिस्त्री कंप्यूटर मरम्मत
सुनार सोलर इंस्टॉलेशन
टोकरी बुनकर डिजिटल फोटोग्राफी
हलवाई सौंदर्य एवं वेलनेस (ब्यूटीशियन)
मोची —
धोबी —
मूर्तिकार —
मालाकार —
दूधवाला —
भरभूजा —
मछुआरा —

इन ट्रेडों के माध्यम से अलग-अलग तरह के काम करने वाले लोगों को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य है। उदाहरण के लिए, मोबाइल मरम्मत का काम करने वाला व्यक्ति अपनी तकनीकी जानकारी बेहतर कर सकता है। इसी तरह, दर्जी या बढ़ई अपने काम में आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल सीख सकता है।

हालांकि, केवल ट्रेड सूची में नाम होने से किसी व्यक्ति का चयन सुनिश्चित नहीं होता। संबंधित ट्रेड में प्रशिक्षण की उपलब्धता, पात्रता और चयन प्रक्रिया की पुष्टि जिला उद्योग कार्यालय से करनी चाहिए।

पीएम विश्वकर्मा योजना और Vishwakarma Shram Samman Yojana 2.0 में क्या अंतर है?

कारीगरों के लिए सरकारी सहायता की जानकारी खोजते समय कई लोगों को पीएम विश्वकर्मा योजना, Vishwakarma Yojana और Vishwakarma Shram Yojana जैसे नाम दिखाई देते हैं। नाम मिलते-जुलते होने के कारण इनके बीच भ्रम होना स्वाभाविक है लेकिन किसी योजना के लाभ लेने से पहले यह समझना जरूरी है कि संबंधित सूचना किस योजना और किस विभाग से जुड़ी है।

यहां जिस योजना की चर्चा हो रही है, वह उत्तर प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग द्वारा शुरू की गई Vishwakarma Shram Samman Yojana 2.0 है। इसके अंतर्गत अयोध्या में चयनित लाभार्थियों को 10 दिन का प्रशिक्षण, ₹5,000 मानदेय, ₹15,000 तक की टूलकिट और स्वरोजगार के लिए ऋण सुविधा देने की जानकारी दी गई है।

दूसरी ओर, पीएम विश्वकर्मा योजना केंद्र सरकार की अलग योजना है। दोनों योजनाओं के आवेदन नियम, पात्रता, लाभ और सहायता की शर्तें अलग हो सकती हैं। इसलिए एक योजना के लाभ को दूसरी योजना से जोड़कर नहीं देखना चाहिए।

अगर आप विश्वकर्मा योजना के लिए आवेदन करना चाहते हैं, तो पहले योजना का पूरा नाम और संबंधित विभाग पहचानें। आवेदन से पहले यह भी पूछें कि आपके पेशे के लिए कौन-सी योजना लागू है, प्रशिक्षण कहां होगा और किन दस्तावेजों की जरूरत पड़ेगी। इससे गलत जानकारी के आधार पर आवेदन करने से बचा जा सकता है।

Vishwakarma Shram Samman Yojana 2.0 के लिए आवेदन करने से पहले किन बातों का ध्यान रखें?

Vishwakarma Shram Samman Yojana 2.0
Vishwakarma Shram Samman Yojana 2.0

Vishwakarma Shram Samman Yojana 2.0 का लाभ लेने के इच्छुक लोगों को सबसे पहले अपने ट्रेड और पात्रता से जुड़ी जानकारी जुटानी चाहिए। उपलब्ध सूचना में अयोध्या के चयनित लाभार्थियों को प्रशिक्षण देने की बात कही गई है। लेकिन आवेदन की अंतिम तारीख, जरूरी दस्तावेजों की पूरी सूची और चयन की विस्तृत प्रक्रिया की पुष्टि संबंधित कार्यालय से करना आवश्यक है।

आवेदन से पहले इन बातों पर ध्यान दें:

  • ट्रेड की पुष्टि करें: देखें कि आपका काम योजना में शामिल 25 ट्रेडों में आता है या नहीं।
  • पात्रता पूछें: आयु, निवास और अन्य शर्तों के बारे में संबंधित कार्यालय से जानकारी लें।
  • बैंक खाते की जांच करें: मानदेय डीबीटी के माध्यम से मिलने की जानकारी दी गई है, इसलिए बैंक विवरण सही होना चाहिए।
  • प्रशिक्षण की जानकारी लें: प्रशिक्षण केंद्र, तारीख, उपस्थिति और आवश्यक प्रक्रिया की पुष्टि करें।
  • टूलकिट की शर्तें समझें: जानें कि आपके ट्रेड में कौन-से उपकरण दिए जाएंगे और उन्हें प्राप्त करने की प्रक्रिया क्या है।
  • ऋण की शर्तें जांचें: ब्याज दर, भुगतान अवधि, मार्जिन मनी और सब्सिडी की पात्रता लिखित रूप में समझें।

आवेदन के लिए किसी अनधिकृत व्यक्ति को पैसे देने से बचें। योजना से संबंधित जानकारी के लिए जिला उद्योग कार्यालय से संपर्क करना बेहतर है। यदि किसी दस्तावेज की कमी है, तो आवेदन जमा करने से पहले उसे पूरा करने की कोशिश करें।

ध्यान रहे, प्रशिक्षण और टूलकिट की सुविधा मिलने से कारोबार सफल होने की गारंटी नहीं होती। बेहतर नतीजों के लिए काम की गुणवत्ता, ग्राहकों की जरूरत और पैसों के सही प्रबंधन पर भी ध्यान देना होगा।

Vishwakarma Shram Samman Yojana 2.0 Apply Online

निष्कर्ष: हुनर को कारोबार में बदलने का अवसर

Vishwakarma Shram Samman Yojana 2.0 पारंपरिक कारीगरों और आधुनिक तकनीकी काम करने वाले लोगों के लिए उपयोगी अवसर बन सकती है। 10 दिन का मुफ्त प्रशिक्षण, ₹5,000 मानदेय, ₹15,000 तक की टूलकिट और स्वरोजगार के लिए प्रस्तावित ऋण सुविधा इसके प्रमुख आकर्षण हैं।

Vishwakarma Shram Samman Yojana 2.0 की मदद से कारीगर अपने कौशल को बेहतर बनाने और काम का दायरा बढ़ाने की दिशा में कदम उठा सकते हैं। हालांकि, वास्तविक लाभ योजना की पात्रता, चयन, प्रशिक्षण पूरा करने और संबंधित वित्तीय नियमों पर निर्भर करेगा।

अगर आप अयोध्या में रहते हैं और किसी शामिल ट्रेड में काम करते हैं, तो जिला उद्योग कार्यालय से आवेदन और प्रशिक्षण की नवीनतम जानकारी जरूर प्राप्त करें। सही जानकारी लेकर आवेदन करने से समय की बचत होगी और योजना का लाभ लेने की प्रक्रिया भी आसान हो सकती है।

Disclaimer

यह लेख उपलब्ध जानकारी के आधार पर सामान्य जागरूकता के उद्देश्य से तैयार किया गया है। Vishwakarma Shram Samman Yojana 2.0 की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, ऋण सुविधा, सब्सिडी, प्रशिक्षण और टूलकिट से संबंधित नियमों में बदलाव हो सकता है। आवेदन करने से पहले संबंधित जिला उद्योग कार्यालय से नवीनतम जानकारी और आधिकारिक शर्तों की पुष्टि अवश्य करें। ₹10 लाख तक के ऋण या अन्य लाभ की मंजूरी स्वतः सुनिश्चित नहीं होती।

Also Read: