PM Samajik Sahayata Yojana: अगर आपके परिवार में कोई बुजुर्ग, विधवा या दिव्यांग व्यक्ति सरकारी पेंशन पर निर्भर है, तो यह खबर आपके लिए महत्वपूर्ण है। केंद्र सरकार ने सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी एक बड़ी योजना में बदलावों को मंजूरी दी है। इसका असर लाखों जरूरतमंद परिवारों पर पड़ सकता है। खास बात यह है कि दिव्यांग पेंशन के लिए पात्रता की शर्तों को आसान बनाया गया है और हर महीने मिलने वाली सहायता राशि भी बढ़ाई गई है।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 14 अक्टूबर 2026 को National Social Assistance Programme (NSAP) को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने की मंजूरी दी। इसके लिए 53,428 करोड़ रुपये का कुल बजट निर्धारित किया गया है। योजना का नया नाम प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना होगा। इसके अंतर्गत आने वाली पेंशन योजनाओं के नाम भी बदले जाएंगे।
सरकार के अनुसार, इस फैसले से देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में करीब 3.20 करोड़ लाभार्थियों को फायदा मिलने की उम्मीद है। हालांकि, दिव्यांग पेंशन के नए नियमों को लागू करने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। इसलिए लाभार्थियों को अंतिम पात्रता और आवेदन प्रक्रिया की पुष्टि आधिकारिक जानकारी से करनी चाहिए।
PM Samajik Sahayata Yojana OR NSAP: मुख्य जानकारी एक नजर में

| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का पुराना नाम | National Social Assistance Programme (NSAP) |
| नया स्वीकृत नाम | Pradhan Mantri Samajik Sahayata Yojana |
| मंत्रिमंडल की मंजूरी | 14 अक्टूबर 2026 |
| योजना की अवधि | वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 |
| कुल बजट | 53,428 करोड़ रुपये |
| दिव्यांग पेंशन, 0-79 वर्ष | 375 रुपये प्रति माह |
| दिव्यांग पेंशन, 80 वर्ष या अधिक | 625 रुपये प्रति माह |
| दिव्यांगता की नई सीमा | 40 प्रतिशत |
| न्यूनतम आयु | जन्म से पात्रता का प्रावधान |
| अनुमानित लाभार्थी | करीब 3.20 करोड़ |
| विस्तृत दिशा-निर्देश | तीन महीने के भीतर जारी करने की घोषणा |
National Social Assistance Programme क्या है और इसका नया नाम क्या होगा?
National Social Assistance Programme यानी NSAP केंद्र सरकार की एक सामाजिक सहायता योजना है। इसकी शुरुआत 15 अगस्त 1995 को हुई थी। इसका मुख्य उद्देश्य गरीबी से जूझ रहे परिवारों को आर्थिक सहायता देना है, ताकि बुजुर्गों, विधवाओं, दिव्यांग व्यक्तियों और संकटग्रस्त परिवारों को बुनियादी सहारा मिल सके।
इस योजना के तहत केंद्र सरकार 100 प्रतिशत वित्तीय सहायता देती है। इसका उद्देश्य देशभर में जरूरतमंद लोगों के लिए सामाजिक सुरक्षा सहायता की व्यवस्था बनाए रखना है। योजना की पात्रता में परिवार का गरीबी रेखा से नीचे यानी Below Poverty Line (BPL) श्रेणी में होना महत्वपूर्ण है। हालांकि, अलग-अलग घटक योजनाओं के लिए निर्धारित शर्तों को भी पूरा करना पड़ता है।
केंद्र सरकार ने अब इस योजना का नाम बदलकर PM Samajik Sahayata Yojana करने की मंजूरी दी है। इसके साथ ही इससे जुड़ी चार योजनाओं के नाम भी बदले जाएंगे। यह बदलाव केवल नाम तक सीमित नहीं है, क्योंकि दिव्यांग पेंशन की पात्रता और सहायता राशि में भी संशोधन किया गया है।
सरकार ने योजना को वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने के लिए 53,428 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इस अवधि में योजना का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों तक सामाजिक सुरक्षा लाभ पहुंचाना है।
NSAP New Name: अब इन चार योजनाओं के नाम भी बदलेंगे
NSAP के अंतर्गत बुजुर्गों, विधवाओं, दिव्यांग व्यक्तियों और परिवार के कमाने वाले मुख्य सदस्य की मृत्यु के बाद सहायता देने वाली योजनाएं शामिल हैं। केंद्र सरकार ने इन योजनाओं के नए नामों को मंजूरी दी है। इससे लाभार्थियों को योजना की पहचान और दस्तावेजों में बदलाव से जुड़ी जानकारी रखना जरूरी होगा।योजनाओं के पुराने और नए नाम नीचे दी गई तालिका में देख सकते हैं।
| पुराना नाम | नया स्वीकृत नाम |
|---|---|
| National Social Assistance Programme (NSAP) | PM Samajik Sahayata Yojana |
| Indira Gandhi National Old Age Pension Scheme (IGNOAPS) | PM Vridhavastha Pension Yojana |
| Indira Gandhi National Widow Pension Scheme (IGNWPS) | PM Vidhawa Pension Yojana |
| Indira Gandhi National Disability Pension Scheme (IGNDPS) | PM Divyangjan Pension Yojana |
| National Family Benefit Scheme | PM Parivar Labh Yojana |
ध्यान देने वाली बात यह है कि नाम बदलने के साथ सभी योजनाओं के नियम एक जैसे नहीं बदले हैं। सरकार के अनुसार, वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन और परिवार लाभ योजना मौजूदा स्वरूप में जारी रहेंगी। प्रमुख पात्रता और सहायता राशि से जुड़े नए बदलाव दिव्यांग पेंशन योजना में किए गए हैं इसलिए अगर कोई व्यक्ति पहले से पेंशन प्राप्त कर रहा है, तो उसे केवल योजना का नाम बदलने के कारण अपनी पात्रता समाप्त मानने की जरूरत नहीं है। फिर भी, नए दिशा-निर्देश जारी होने के बाद अपने रिकॉर्ड और संबंधित विभाग से जानकारी की पुष्टि करना उचित होगा।
Disability Pension: अब कितनी मिलेगी मासिक सहायता राशि?
Under Pradhan Mantri Samajik Sahayata Yojana #PMSSY
Old Age Pension: ₹200–₹500/month
221.31 lakh beneficiariesWidow Pension: ₹300–₹500/month
67.38 lakh beneficiariesDivyangjan Pension: ₹375–₹625/month
27.48 lakh beneficiariesFamily Benefit Scheme : ₹20,000 one-time… pic.twitter.com/s8R0d6CQMR
— Ministry of Rural Development, Government of India (@MoRD_GoI) October 14, 2026
दिव्यांग पेंशन योजना में सबसे महत्वपूर्ण बदलाव आर्थिक सहायता की राशि को लेकर किया गया है। सरकार ने पात्र लाभार्थियों के लिए मासिक सहायता बढ़ाने का फैसला किया है। नई स्वीकृत दरों के अनुसार, 0 से 79 वर्ष की आयु वाले पात्र लाभार्थियों को हर महीने 375 रुपये मिलेंगे। वहीं, 80 वर्ष या उससे अधिक आयु वाले पात्र लाभार्थियों के लिए मासिक सहायता 625 रुपये निर्धारित की गई है।
पहले 18 से 79 वर्ष की आयु वाले पात्र लाभार्थियों को 300 रुपये प्रति माह मिलते थे। 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के लाभार्थियों को 500 रुपये प्रति माह दिए जाते थे। नई दरों से पात्र लोगों को पहले की तुलना में अधिक सहायता मिलेगी।
| लाभार्थियों की आयु | पहले की मासिक सहायता | नई स्वीकृत मासिक सहायता |
|---|---|---|
| 0 से 79 वर्ष | 300 रुपये* | 375 रुपये |
| 80 वर्ष और उससे अधिक | 500 रुपये* | 625 रुपये |
*पहले की राशि यहां दिए गए उपलब्ध विवरण के आधार पर दर्शाई गई है।
यह समझना जरूरी है कि घोषित राशि केंद्र सरकार की योजना के तहत स्वीकृत सहायता है। राज्य सरकारें अपनी अलग योजनाओं के माध्यम से अतिरिक्त सहायता दे सकती हैं, लेकिन यह राज्य के नियमों पर निर्भर करेगा। इसलिए लाभार्थियों को अपने राज्य में लागू व्यवस्था की जानकारी भी लेनी चाहिए।
सरकार ने कहा है कि दिव्यांग पेंशन की पात्रता, लाभार्थियों की संख्या और सहायता राशि से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश तीन महीने के भीतर जारी किए जाएंगे। नई दरों का वास्तविक क्रियान्वयन संबंधित निर्देशों के अनुसार होगा।
Pension Eligibility Criteria: दिव्यांग पेंशन के लिए अब कौन पात्र हो सकता है?
दिव्यांग पेंशन के नियमों में सबसे बड़ा बदलाव दिव्यांगता की न्यूनतम सीमा और आयु से जुड़ा है। पहले इस योजना के लिए पात्रता के तहत कम से कम 80 प्रतिशत दिव्यांगता और 18 वर्ष की न्यूनतम आयु की शर्त थी। अब सरकार ने दिव्यांगता की निर्धारित सीमा को 80 प्रतिशत से घटाकर 40 प्रतिशत करने की मंजूरी दी है। साथ ही, न्यूनतम आयु की शर्त हटाकर जन्म से पात्रता का प्रावधान किया गया है।
इसका मतलब है कि नए नियम लागू होने के बाद ऐसे पात्र व्यक्तियों के लिए भी योजना तक पहुंच आसान हो सकती है, जो पहले दिव्यांगता की 80 प्रतिशत सीमा पूरी नहीं कर पाते थे। जन्म से पात्रता का प्रावधान होने के कारण बच्चों के लिए भी योजना के तहत सहायता पाने का रास्ता खुल सकता है।
हालांकि, केवल 40 प्रतिशत दिव्यांगता होना अपने आप पेंशन मिलने की गारंटी नहीं है। आवेदक को योजना की अन्य शर्तें भी पूरी करनी होंगी। इनमें BPL परिवार से संबंधित पात्रता और आवश्यक दस्तावेजों की पुष्टि शामिल हो सकती है। दिव्यांगता प्रमाणपत्र और अन्य जरूरी कागजात के संबंध में अंतिम प्रक्रिया नए दिशा-निर्देशों से स्पष्ट होगी।
ये बदलाव Rights of Persons with Disabilities Act, 2016 के अनुरूप किए गए हैं। इस कानून में निर्धारित दिव्यांगता मानक के अनुसार 40 प्रतिशत की सीमा महत्वपूर्ण है। पात्रता में बदलाव का उद्देश्य उन जरूरतमंद व्यक्तियों को भी सामाजिक सहायता के दायरे में लाना है, जो पहले की सख्त शर्तों के कारण बाहर रह जाते थे।
Persons With Disabilities और BPL परिवारों को क्या करना चाहिए?
यदि आपके परिवार में कोई दिव्यांग व्यक्ति है और वह पेंशन के लिए आवेदन करना चाहता है, तो सबसे पहले अपनी मौजूदा पात्रता की जानकारी जुटाएं। परिवार का BPL श्रेणी में होना, दिव्यांगता से जुड़ा प्रमाणपत्र और पहचान संबंधी दस्तावेज उपयोगी हो सकते हैं। हालांकि, आवश्यक दस्तावेजों की अंतिम सूची संबंधित सरकारी दिशा-निर्देशों से ही तय होगी।
जो लोग पहले से दिव्यांग पेंशन प्राप्त कर रहे हैं, उन्हें भी नई दरों और नियमों की जानकारी पर ध्यान देना चाहिए। फिलहाल सरकार ने बदलावों को मंजूरी दी है और पात्रता, लाभार्थियों की संख्या तथा सहायता राशि से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश तीन महीने के भीतर जारी करने की बात कही है। इसलिए नई राशि मिलने की तारीख या स्वतः बदलाव होने के बारे में अनुमान लगाना उचित नहीं होगा।
लाभार्थी अपने राज्य के सामाजिक कल्याण विभाग, जिला समाज कल्याण कार्यालय या संबंधित सरकारी सेवा केंद्र से जानकारी ले सकते हैं। आवेदन या रिकॉर्ड में बदलाव की जरूरत होने पर संबंधित अधिकारी से प्रक्रिया की पुष्टि करें। किसी अनजान व्यक्ति को पेंशन शुरू कराने के नाम पर पैसे देने से बचें और अपने बैंक खाते या निजी जानकारी को सुरक्षित रखें।
यह योजना केवल मासिक आर्थिक सहायता का माध्यम नहीं है। कई परिवारों के लिए पेंशन दवाइयों, भोजन और रोजमर्रा की जरूरतों में मदद करती है। इसलिए नियमों में बदलाव की सही जानकारी होना जरूरी है, ताकि पात्र व्यक्ति समय पर अपना अधिकार समझ सकें और सहायता पाने के लिए सही प्रक्रिया अपना सकें।
National Social Assistance Programme: योजना कब लागू होगी और कितने लोगों को लाभ मिलेगा?
केंद्र सरकार ने PM Samajik Sahayata Yojana OR National Social Assistance Programme को वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दी है। इसके लिए कुल 53,428 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार के अनुसार, इस फैसले से देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में करीब 3.20 करोड़ लाभार्थियों को फायदा मिलने की उम्मीद है।
दिव्यांग पेंशन योजना के तहत पात्रता में बदलाव और नई सहायता दरों को लागू करने के लिए सरकार विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करेगी। आधिकारिक घोषणा के अनुसार, इन दिशा-निर्देशों में पात्रता की शर्तों, लाभार्थियों की संख्या और सहायता राशि का विवरण शामिल होगा। इन्हें तीन महीने के भीतर जारी और लागू किए जाने की बात कही गई है।
यहां एक महत्वपूर्ण अंतर समझना जरूरी है। मंत्रिमंडल की मंजूरी मिलने का अर्थ यह है कि प्रस्ताव को स्वीकृति मिल गई है। लेकिन लाभार्थियों के आवेदन, दस्तावेजों की जांच और भुगतान की वास्तविक प्रक्रिया संबंधित दिशा-निर्देशों के अनुसार चलेगी। इसलिए पेंशन की नई राशि खाते में आने की तारीख के बारे में अभी बिना आधिकारिक पुष्टि के दावा नहीं करना चाहिए।
यह बदलाव सामाजिक सुरक्षा लाभों को अधिक लोगों तक पहुंचाने की दिशा में अहम कदम है। विशेष रूप से दिव्यांगता की सीमा कम होने और न्यूनतम आयु की शर्त हटने से ऐसे लोगों को अवसर मिल सकता है, जो पहले निर्धारित नियमों के कारण पात्र नहीं बन पाते थे।
निष्कर्ष
National Social Assistance Programme में किए गए बदलाव जरूरतमंद परिवारों के लिए महत्वपूर्ण हैं। योजना का नाम बदलने (PM Samajik Sahayata Yojana) के साथ दिव्यांग पेंशन की पात्रता को आसान बनाने और मासिक सहायता बढ़ाने की मंजूरी दी गई है। दिव्यांगता की निर्धारित सीमा 80 प्रतिशत से घटाकर 40 प्रतिशत करना और न्यूनतम आयु की शर्त हटाना इस फैसले के प्रमुख हिस्से हैं।
हालांकि, पात्रता और भुगतान से जुड़ी अंतिम प्रक्रिया विस्तृत सरकारी दिशा-निर्देशों पर निर्भर करेगी इसलिए लाभार्थियों को अफवाहों के बजाय आधिकारिक सूचना पर भरोसा करना चाहिए। सही जानकारी और समय पर दस्तावेजों की जांच से पात्र लोगों को सामाजिक सुरक्षा लाभ पाने में मदद मिल सकती है।
Disclaimer
यह लेख उपलब्ध सरकारी घोषणा और समाचार संबंधी जानकारी पर आधारित है। पेंशन की पात्रता, दस्तावेज, आवेदन प्रक्रिया और भुगतान की तारीख में बदलाव संभव है। आवेदन करने या किसी निर्णय से पहले संबंधित सरकारी विभाग से नवीनतम दिशा-निर्देशों की पुष्टि अवश्य करें।



